💰 फ़ाइनेंसखरीफ 2026 में उत्तर प्रदेश में मूंगफली की MSP खरीद कैसे होगी?
By FastBuySale Newsroom · · 39 मिनट पहले · EN HI
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उत्तर प्रदेश के किसानों से अब MSP पर 86,500 टन मूंगफली (लगभग ₹650 करोड़) और 43,250 टन तिल (लगभग ₹447 करोड़) खरीदी जाएगी, जिसे केंद्र ने PSS के तहत हरी झंडी दी है; राज्य के केंद्र खुलने पर पंजीकृत किसान MSP पर उपज बेच सकेंगे।
📌 मुख्य बातें
- केंद्र ने खरीफ 2026 के लिए यूपी से 86,500 टन मूंगफली और 43,250 टन तिल की खरीद मंज़ूर की।
- अनुमानित MSP मूल्य: मूंगफली करीब ₹650 करोड़ और तिल करीब ₹447 करोड़।
- खरीद PM-AASHA की PSS योजना के तहत केंद्रीय नोडल एजेंसियों से होगी।
- 1–4 नवंबर 2026 को मूंगफली का अखिल भारतीय मंडी औसत करीब ₹6,909 प्रति क्विंटल था।
- खरीद की तारीख और केंद्रों की सूची का उत्तर प्रदेश सरकार से इंतज़ार है।
सरकार यूपी से कितनी मूंगफली और तिल खरीदेगी?
मंज़ूरी 86,500 टन मूंगफली और 43,250 टन तिल की है। बताई गई रकम को मात्रा से भाग देने पर मूंगफली के लिए करीब ₹7,500 प्रति क्विंटल और तिल के लिए करीब ₹10,300 प्रति क्विंटल का भाव निकलता है; ये घोषित कुल रकम से निकाले गए औसत हैं, इसलिए किसान अपने केंद्र पर आधिकारिक MSP ज़रूर पुष्टि करें।
इससे पहले 30 सितंबर 2026 की PIB विज्ञप्ति में उत्तर प्रदेश से ₹3,992.57 करोड़ की 4.66 लाख टन अरहर और 6,250 टन मूंग की खरीद मंज़ूर हुई थी। पिछले सीज़न में केंद्र ने राज्य के लिए 99,438 टन मूंगफली और 30,410 टन तिल की मंज़ूरी दी थी।
MSP पर मूंगफली कौन बेच सकता है और पंजीकरण कैसे करें?
केवल पहले से पंजीकृत किसान ही बेच सकते हैं। पिछले सीज़न में NAFED और NCCF ने ई-समृद्धि और ई-संयुक्ति पोर्टल से पंजीकरण कराया था, और केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक या चेहरा सत्यापन व POS मशीनें लगी थीं। भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में आता है।
आधार, बैंक पासबुक, खतौनी और बुवाई का विवरण तैयार रखें। PM-AASHA में तिलहन की खरीद आम तौर पर राज्य के अनुमानित उत्पादन के 25% तक सीमित रहती है, इसलिए जल्दी पंजीकरण ज़रूरी है।
क्या अभी खुली मंडी का भाव MSP से बेहतर है?
1–4 नवंबर 2026 के एगमार्कनेट आँकड़ों के अनुसार मूंगफली का अखिल भारतीय मंडी औसत करीब ₹6,909 प्रति क्विंटल रहा, जो मंज़ूर खरीद मूल्य से निकले भाव से कम है। यही अंतर बताता है कि PSS खरीद क्यों मददगार है: अच्छी औसत गुणवत्ता की उपज सरकारी केंद्र पर बेचने से प्रति क्विंटल कई सौ रुपये ज़्यादा मिल सकते हैं।
भाव मंडी, नमी और ग्रेड के हिसाब से बदलते हैं, इसलिए फैसला करने से पहले अपनी स्थानीय मंडी की तुलना FastBuySale से करें।
खरीद शुरू होने से पहले मूंगफली किसान क्या करें?
फलियों को तय नमी तक सुखाएँ, मिट्टी और टूटे दाने साफ करें और लॉट की ग्रेडिंग करें। केंद्रों पर उपज ज़्यादातर नमी और कचरे की वजह से लौटाई जाती है, भाव की वजह से नहीं।
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💡 खरीदारों के लिए क्या है
- किसान: भुगतान में देरी से बचने के लिए जल्दी पंजीकरण कराएँ और आधार, बैंक व ज़मीन के कागज़ अपडेट रखें।
- व्यापारी और तेल मिलें: केंद्र खुलने पर स्थानीय मूंगफली भाव मज़बूत रहने की उम्मीद रखें, क्योंकि MSP एक निचली सीमा तय करता है।
- रबी से पहले नकदी जुटाने के लिए बचा बीज, स्प्रेयर या थ्रेशर FastBuySale पर बेचें।
- ट्रक बुक करने से पहले FastBuySale पर रोज़ाना मंडी भाव देखें और MSP से तुलना करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उत्तर प्रदेश में MSP पर कितनी मूंगफली खरीदी जाएगी?
मूंगफली: 86,500 टन तक की खरीद, कुल कीमत लगभग ₹650 करोड़।
कितना तिल खरीदा जाएगा?
तिल: 43,250 टन तक, कुल कीमत लगभग ₹447 करोड़।
यह खरीद किस योजना के तहत होगी?
PSS के ज़रिए, जो PM-AASHA का हिस्सा है; भाव गिरने पर इसी योजना से केंद्रीय एजेंसियाँ दलहन-तिलहन MSP पर खरीदती हैं।
यूपी में मूंगफली की खरीद कब शुरू होगी?
5 नवंबर 2026 तक शुरुआत की तारीख और खरीद केंद्र घोषित नहीं हुए थे। किसान ज़िला कृषि कार्यालय और मंडी समिति की सूचनाएँ देखते रहें।
किसानों को भुगतान कैसे मिलेगा?
केंद्र पर उपज स्वीकार और तौल होने के बाद भुगतान सीधे पंजीकृत किसान के बैंक खाते में किया जाता है।